जयपुर। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत, शताब्दी, दुरंतो और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था में एक ऐसा बदलाव किया है, जो यात्रियों के लिए सुविधा के बजाय सिरदर्द बन गया है। नए नियमों के मुताबिक, अब एक ही पीएनआर (PNR) पर बुक सभी यात्रियों को या तो अनिवार्य रूप से भोजन लेना होगा, या फिर किसी को भी भोजन नहीं मिलेगा। इस 'ऑल ऑर नथिंग' (All or Nothing) नियम ने यात्रियों के सामने बड़ी दुविधा खड़ी कर दी है।
अब तक यात्रियों के पास यह विकल्प होता था कि एक ही पीएनआर पर सफर कर रहे कुछ लोग खाना बुक करें और कुछ न करें। लेकिन नए बदलाव के बाद:
एक परिवार के 5 सदस्यों में से अगर 3 को खाना चाहिए, तो सिस्टम उन्हें अलग से बुकिंग की अनुमति नहीं देता।
यात्रियों को या तो सभी 5 लोगों के लिए भुगतान करना होगा या फिर सभी को भूखा रहना होगा।
आईआरसीटीसी (IRCTC) का तर्क है कि कैटरिंग सेवा पीएनआर आधारित होती है, इसलिए पूरी बुकिंग पर एक समान सेवा दी जाती है।
जयपुर निवासी एक यात्री राजकुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाल ही में दुरंतो ट्रेन से मुंबई यात्रा के दौरान उन्हें केवल 3 लोगों के लिए भोजन चाहिए था। लेकिन सिस्टम की मजबूरी के कारण उन्हें सभी 5 यात्रियों का पैसा देना पड़ा। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि बिना जरूरत के मंगाए गए भोजन की बर्बादी भी हुई।
रेलवे के इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग इसे रेलवे की 'मनमानी' और 'जबरन थोपा गया नियम' बता रहे हैं। यात्रियों की मांग है कि:
रेलवे को इस नियम में तुरंत संशोधन कर व्यक्तिगत विकल्प (Individual Choice) देना चाहिए।
प्रीमियम ट्रेनों के महंगे किराए के बाद इस तरह का आर्थिक बोझ डालना अनुचित है।
विशेषज्ञों और यात्रियों का कहना है कि अगर रेलवे ने इस नियम को नहीं बदला, तो यात्रियों का मोह प्रीमियम ट्रेनों से भंग हो सकता है। सुविधा के नाम पर यात्रियों को विवश करना रेलवे के राजस्व के लिए भी घाटे का सौदा साबित हो सकता है। कई मुसाफिरों ने अब इन ट्रेनों के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है।
#IndianRailways #IRCTC #TrainFood #VandeBharat #RajdhaniExpress #RailwayNewRules #JaipurNews #PremiumTrains #PassengerRights #FoodWaste
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.