जयपुर/राजस्थान। प्रदेश के 1.75 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने नया टैरिफ आदेश जारी करते हुए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है। आयोग ने सभी श्रेणियों के लिए पुरानी दरें यथावत रखी हैं और कई क्षेत्रों में विशेष रियायतें दी हैं।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
अब सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर लगने वाला 150 रुपये प्रति केवीए का फिक्स चार्ज पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इस फैसले से चार्जिंग स्टेशनों का संचालन सस्ता होगा, जिसका सीधा लाभ वाहन मालिकों को कम चार्जिंग दरों के रूप में मिलेगा।
मध्यम श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं (Medium Industrial Consumers) को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए बड़ी राहत दी गई है:
न्यूनतम विद्युत शुल्क: इसे 6.30 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।
इस 30 पैसे की कटौती से उद्यमियों को विभिन्न सरकारी छूटों का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
आयोग के नए टैरिफ आदेश में कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल हैं:
स्ट्रीट लाइट: नगरीय निकायों को राहत देते हुए स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों को 'टाइम ऑफ द डे' (TOD) की शर्तों से मुक्त कर दिया गया है।
ट्रांसफार्मर नियम: 50 केवी से अधिक डिमांड वाले बड़े कनेक्शनों के लिए एचटी से एलटी शिफ्टिंग की छूट अब दो के बजाय तीन बार तक कर दी गई है। इसके बाद ही उपभोक्ता को निजी ट्रांसफार्मर लगाना होगा।
सोलर एनर्जी: प्रदेश में रूफटॉप सोलर को प्रोत्साहित करने के लिए नेट बिलिंग व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
राहत के बीच एक चिंताजनक बात यह है कि प्रदेश में रेगुलेटरी सरचार्ज की वसूली जारी रहेगी। इसका अर्थ है कि बिजली कंपनियां अपने पुराने घाटे की भरपाई अभी भी उपभोक्ताओं के माध्यम से ही करती रहेंगी।
निष्कर्ष: बिजली कंपनियों द्वारा टैरिफ बढ़ाने की याचिका को दरकिनार करते हुए आयोग ने आम जनता और उद्योगों के हितों को प्राथमिकता दी है। ये नए आदेश अप्रैल महीने से ही प्रभावी हो गए हैं।
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