कोटा | 1 अप्रैल, 2026 भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। पश्चिम रेलवे के वडोदरा-नागदा रेल खंड में अत्याधुनिक सुरक्षा कवच 'कवच 4.0' सिस्टम को सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। मंगलवार को वडोदरा से ट्रेन चलाकर इस सिस्टम का अंतिम परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
इस नए खंड में कवच प्रणाली लागू होने के साथ ही दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग का अधिकतम हिस्सा अब पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। इस तकनीक के सक्रिय होने से यह महत्वपूर्ण रेल खंड अब मानवीय भूल (Human Error) से होने वाली दुर्घटनाओं से मुक्त हो गया है।
कवच कैसे करता है सुरक्षा?
ऑटोमैटिक ब्रेक: यदि लोको पायलट गलती से रेड सिग्नल पार करता है, तो ट्रेन अपने आप रुक जाती है।
आमने-सामने की टक्कर से बचाव: एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आने की स्थिति में सिस्टम सक्रिय होकर टक्कर को रोकता है।
खराब मौसम में मददगार: कोहरे या कम दृश्यता में भी यह ड्राइवर को सिग्नल की सटीक जानकारी देता है।
यह गर्व की बात है कि कोटा मंडल पूरे देश में इस सिस्टम को पूर्ण रूप से स्थापित करने वाला पहला रेलवे मंडल बन गया है। कोटा मंडल ने रिकॉर्ड समय में इस कार्य को पूरा कर भारतीय रेलवे के सामने एक मिसाल पेश की है:
विस्तार: मथुरा-नागदा सेक्शन के कुल 569 रूट किलोमीटर पर यह प्रणाली लगाई गई है।
समय सीमा: 324 किमी का कार्य 30 जुलाई 2025 को और शेष कोटा-नागदा खंड का कार्य 27 अक्टूबर 2025 को पूरा किया गया।
लागत और बुनियादी ढांचा: ₹428 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को मात्र 15 महीनों में पूरा किया गया। इसके तहत कोटा मंडल में 130 रेडियो संचार टावर स्थापित किए गए हैं।
विशेष तथ्य: कवच 4.0 भारत की स्वदेशी तकनीक है जो ट्रेन सुरक्षा के वैश्विक मानकों को टक्कर देती है। कोटा मंडल की इस सफलता के बाद अब देश के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी इसी तर्ज पर काम तेज किया जा रहा है।
#IndianRailways #KavachSystem #RailwaySafety #KotaDivision #WCR #WR #DelhiMumbaiCorridor #AtmanirbharBharat #RailNews
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.