कोटा। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गहराए गैस संकट का असर अब भारतीय रेलवे के किचन तक पहुँच गया है। कोटा रेल मंडल के प्रमुख रनिंग रूम्स में एलपीजी (LPG) की कमी के चलते अब इन्फ्रारेड कुक टॉप (Infrared Cooktop) के जरिए भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई है। प्रशासन का दावा है कि इस त्वरित कदम से रेल परिचालन में लगे रनिंग स्टाफ की भोजन व्यवस्था निर्बाध बनी हुई है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, कोटा मंडल के निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्टेशनों के रनिंग रूम्स में यह नई व्यवस्था लागू की गई है:
कोटा
सवाई माधोपुर
गंगापुर सिटी
बयाना
मोतीपुरा चौकी
झालावाड़ सिटी
उल्लेखनीय है कि गैस आपूर्ति प्रभावित होने का हवाला देते हुए रेलवे ने पिछले दिनों देश भर के रनिंग रूम्स में 'राशन से खाना बनाना' बंद कर दिया था। इस फैसले के बाद गार्ड और ड्राइवरों को ठेकेदार द्वारा तैयार किया गया खाना ही परोसा जा रहा है।
[Image: Running staff dining area with electric cooking equipment]
रेलवे के इस फैसले का एम्पलाई यूनियन ने कड़ा विरोध किया था। यूनियन की मांग है कि रनिंग स्टाफ को अपनी पसंद के राशन से खाना बनवाने की सुविधा मिलनी चाहिए।
बड़ा सवाल: रेलवे ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन्फ्रारेड कुक टॉप की सुविधा आने के बाद क्या रनिंग स्टाफ दोबारा अपने राशन से खाना बनवा सकेगा या उन्हें ठेकेदार का खाना ही खाना होगा?
चुनौती: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता के कारण रेलवे अब बिजली आधारित कुकिंग की ओर रुख कर रहा है ताकि परिचालन पर असर न पड़े।
मंडल प्रशासन का कहना है कि चुनौतीपूर्ण स्थितियों में यह एक आवश्यक कदम था ताकि लोको पायलट और गार्ड्स को समय पर भोजन मिल सके और ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो।
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