कोटा। कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बारां-रुठियाई रेलखंड पर रेल यात्रियों के लिए सफर परेशानी का सबब बनता जा रहा है। रेलवे प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद ट्रेनों में किन्नरों द्वारा अवैध वसूली और अनधिकृत वेंडरों का दखल कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
मंगलवार को कोटा-बीना मेमू ट्रेन (61633) में किन्नरों का आतंक साफ देखा गया। यात्री शिकायत कर रहे हैं कि ये किन्नर न केवल यात्रियों से जबरन पैसे मांगते हैं, बल्कि पैसा देने से इनकार करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बदसलूकी भी करते हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है।
किन्नरों के साथ-साथ इस रेलखंड पर अवैध वेंडरों की भी भारी भीड़ बनी रहती है। यात्रियों का कहना है कि:
ये वेंडर तेज आवाज में चिल्लाकर यात्रियों की शांति भंग करते हैं।
ट्रेनों में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेच रहे हैं जिससे स्वास्थ्य का खतरा भी रहता है।
शिकायत के बावजूद इन्हें ट्रेनों से बाहर नहीं किया जा पा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि रेलवे प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी स्थिति जस की तस है।
यात्रियों का आरोप है कि अवैध वेंडरों और जिम्मेदार कर्मचारियों के बीच गहरी मिलीभगत है। बताया जा रहा है कि इन वेंडरों से प्रति माह ₹3,000 तक की कथित वसूली की जाती है, जिसके बदले उन्हें ट्रेनों में बेरोकटोक घूमने की छूट मिलती है।
रेल प्रशासन ने पहले ही निर्देश जारी किए हैं कि जिस भी ड्यूटी स्टाफ (TTE या गार्ड) की मौजूदगी में अवैध वेंडर पाए जाएंगे, उनका 10 दिन का वेतन काट लिया जाएगा। लेकिन धरातल पर इस सख्त आदेश का कोई खास असर नहीं दिख रहा है, जिससे यात्रियों में असुरक्षा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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