स्टेशन पर गंदगी देख भड़के सांसद और विधायक: स्टेशन प्रबंधक समेत CHI और CMI कोटा तलब, दर्ज हुई औपचारिक शिकायत

स्टेशन पर गंदगी देख भड़के सांसद और विधायक: स्टेशन प्रबंधक समेत CHI और CMI कोटा तलब, दर्ज हुई औपचारिक शिकायत

कोटा/भरतपुर। बात-बात में विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं और 'स्वच्छ भारत' का दावा करने वाले कोटा रेल मंडल के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक उदासीनता की पोल खुल गई है। पिछले दिनों स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया और डीग-कुम्हेर विधायक व ZRUCC सदस्य डॉ. शैलेश सिंह को चारों तरफ गंदगी और अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कोटा मंडल रेल प्रशासन ने बुधवार को भरतपुर के स्टेशन प्रबंधक (SM), स्वास्थ्य निरीक्षक (CHI) और वाणिज्य निरीक्षक (CMI) को जवाब-तलब करने के लिए कोटा मुख्यालय (तलब) बुलाया है।

प्रतीक्षालयों में फैली थी असहनीय दुर्गंध, गंदगी के बीच बैठने को मजबूर थे यात्री

निरीक्षण के दौरान सांसद सतीश पूनिया और विधायक शैलेश सिंह ने जब एसी (AC) और शयनयान (Sleeper) प्रतीक्षालयों (Waiting Rooms) का जायजा लिया, तो वहां के हालात बेहद दयनीय मिले।

  • शौचालयों में गंदगी: शौचालयों की सफाई न होने के कारण वहां से इतनी तेज दुर्गंध आ रही थी कि पल भर खड़ा होना भी मुश्किल था।

  • बिखरा पड़ा था कचरा: वेटिंग रूम के चारों तरफ कचरा और गंदगी फैली हुई थी। स्टेशन पर कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण कई मजबूर यात्री इसी गंदगी के बीच बैठने को विवश नजर आए।

  • अधिकारियों को फटकार: इस बदहाली को देख नेताओं ने मौके पर ही स्टेशन प्रबंधक ओ.पी. मीणा को बुलाकर जमकर डांट पिलाई और चेताया कि दोबारा ऐसी खामियां मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

"स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच रेलवे स्टेशन की यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करती है। यात्रियों की सुविधाओं और स्वच्छता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।" — डॉ. सतीश पूनिया व डॉ. शैलेश सिंह

रेलवे बोर्ड तक पहुंची गूंज, दर्ज हुई शिकायत संख्या 3659

निरीक्षण के दौरान पूर्व ZRUCC सदस्य (प्रयागराज) अरविंद पाल सिंह ने भी नेताओं को स्टेशन की अन्य अव्यवस्थाओं से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेताओं ने इस पूरे प्रकरण में औपचारिक शिकायत संख्या 3659 दर्ज कराई है। इस शिकायत की प्रति रेलवे बोर्ड और पश्चिम-मध्य रेलवे (WCR) के महाप्रबंधक (GM) को भेजी गई है।

इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कोटा मंडल ने स्टेशन प्रबंधक ओ.पी. मीणा, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (CHI) मनोज वशिष्ठ और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (CMI) हरिराम महरौलिया को कोटा तलब किया है। गौरतलब है कि भरतपुर स्टेशन की सफाई व्यवस्था वर्तमान में एक निजी ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर दे रखी है।

मुख्य द्वार पर 'नो पार्किंग' में वाहनों का कब्जा, बुजुर्ग और दिव्यांग परेशान

गंदगी के अलावा भरतपुर स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entry) पर ट्रैफिक जाम की एक और बड़ी समस्या सामने आई है। नियमों को ताक पर रखकर नो-पार्किंग एरिया में कार और बाइक बेतरतीब ढंग से खड़ी कर दी जाती हैं।

  • छूट जाती है ट्रेन: ट्रेनों के आने-जाने के समय मुख्य द्वार पर वाहनों के चलते लंबा जाम लग जाता है। इस जाम के कारण कई बार यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है।

  • सबसे ज्यादा परेशानी: भारी सामान के साथ सफर करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को इस अतिक्रमण की वजह से स्टेशन के अंदर जाने में सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी स्थानीय प्रशासन इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाल पाया है।

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