कोटा | रेलवे में सहायक लोको पायलट (ALP) के पदों पर पदोन्नति के लिए बुधवार को लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। सुभाष नगर स्थित विश्वकर्मा सर्किल के पास वृंदावन अपार्टमेंट में दोपहर 3 से 5 बजे तक चली इस परीक्षा में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर रेलवे ने एक नया और चौंकाने वाला प्रयोग किया।
आमतौर पर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों (Dummy Candidates) को रोकने के लिए बायोमेट्रिक जांच परीक्षा शुरू होने से पहले की जाती है। इस बार भी रेलवे ने दोपहर 1 बजे का रिपोर्टिंग टाइम तय कर पहले जांच की थी, लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद दोबारा बायोमेट्रिक प्रक्रिया दोहराई गई।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया: अभ्यर्थियों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब परीक्षा संपन्न होने के बाद भी जांच की गई हो। इस प्रक्रिया के कारण थके-हारे कर्मचारियों को परीक्षा केंद्र पर अतिरिक्त 2 घंटे तक रुकना पड़ा।
यह परीक्षा कई मायनों में खास रही:
कुल पद: इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 157 सहायक लोको पायलटों के पद भरे जाने हैं।
प्रतिस्पर्धा: परीक्षा के लिए लगभग 550 रेल कर्मचारियों ने आवेदन किया था।
विवाद के बाद बदलाव: पिछली बार यह परीक्षा केवल चुनिंदा विभागों के कर्मचारियों तक सीमित रखने के कारण रद्द कर दी गई थी। इस बार इसे 'ओपन टू ऑल' श्रेणी के तहत आयोजित किया गया है, जिससे सभी पात्र विभागों के रेलकर्मियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
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