कोटा। रेलवे ने अपने रनिंग स्टाफ (लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन प्रबंधक) के विश्राम और सुविधाओं को अधिक आरामदायक बनाने के लिए ‘चालक दल ऐप’ लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से अब रनिंग रूम में मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का निपटारा चुटकियों में हो सकेगा।
वर्तमान व्यवस्था में लोको पायलट और ट्रेन प्रबंधक रनिंग रूम की कमियों या शिकायतों को एक रजिस्टर में दर्ज करते थे। इस पारंपरिक पद्धति के कारण कई बार शिकायतें अधिकारियों तक देरी से पहुँचती थीं और उनके समाधान में लंबा वक्त लगता था। ‘चालक दल ऐप’ के आने से:
शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों के पास रियल-टाइम में पहुँचेंगी।
व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता आएगी।
समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा।
कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) सौरभ जैन ने बताया कि रनिंग स्टाफ रेल परिचालन की रीढ़ की हड्डी होता है। उन्होंने कहा:
"इस डिजिटल व्यवस्था से रनिंग स्टाफ की कार्य स्थितियों में सुधार होगा। जब स्टाफ का विश्राम बेहतर और तनावमुक्त होगा, तो इसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव रेल परिचालन की सुरक्षा तथा यात्रियों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा।"
लंबी दूरी की ट्रेनें चलाने के बाद लोको पायलट और गार्ड को अगले सफर से पहले पर्याप्त विश्राम की आवश्यकता होती है, जिसके लिए रेलवे 'रनिंग रूम' की सुविधा देता है। यहाँ भोजन, स्वच्छ बिस्तर और शांत वातावरण जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता सीधे तौर पर स्टाफ की कार्यक्षमता से जुड़ी होती है।
डिजिटल फीडबैक: रनिंग रूम की गुणवत्ता पर तत्काल रेटिंग और कमेंट्स।
सीधी निगरानी: उच्च अधिकारी शिकायतों की पेंडेंसी को सीधे ट्रैक कर सकेंगे।
त्वरित कार्रवाई: मेंटेनेंस और खान-पान संबंधी समस्याओं का जल्द निस्तारण।
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