कोटा। रेलवे में साइबर ठगी का जाल लगातार फैलता जा रहा है। सोमवार को एक रिटायर्ड रेलकर्मी से 35 हजार रुपये की ठगी के बाद, मंगलवार को ठगों ने सीधे कोटा रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक (DCM) किशोर पटेल सहित कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया। हालांकि, अधिकारियों की सतर्कता से ठग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
ठगों ने खुद को सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) बताते हुए अधिकारियों को फोन किया। ठगों ने झांसा दिया कि उनका PPO (पेंशन भुगतान आदेश) रिवाइज्ड होना है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बहाने ठगों ने मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक भेजा और उस पर क्लिक करने का दबाव बनाया।
DCM किशोर पटेल और अन्य रेलकर्मी पहले से ही पिछले दिनों हुई ठगी की घटनाओं को लेकर सतर्क थे। उन्होंने न केवल ठगों की बात मानने से इनकार किया, बल्कि उनके नंबर को भी चिन्हित कर लिया।
चिन्हित नंबर: अधिकतर कॉल 7633983151 से आए हैं।
ट्रू-कॉलर पर नाम: इस नंबर पर 'दिलीप कुमार पाल' का नाम प्रदर्शित हो रहा है।
रेलवे कर्मचारियों ने इस नंबर को अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया है ताकि कोई भी साथी इनके झांसे में न आए।
रेल प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि:
कोई भी रेल अधिकारी फोन पर पीपीओ अपडेट या केवाईसी (KYC) की जानकारी नहीं मांगता।
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, यह आपके फोन का एक्सेस ले सकता है।
पीपीओ या पेंशन से संबंधित किसी भी कार्य के लिए केवल आधिकारिक कार्यालय या पोर्टल का ही उपयोग करें।
"ठगों का नया तरीका अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर विश्वास जीतना है। सतर्कता ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है।" — रेलवे प्रशासन, कोटा
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