कोटा। कोटा-नागदा रेलखंड पर रविवार को तिरुवनंतपुरम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) में लगी भीषण आग के मामले को रेलवे ने बेहद गंभीरता से लिया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पश्चिम-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गठित 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी सोमवार को जबलपुर मुख्यालय से कोटा पहुंची। कमेटी ने घटनास्थल का दौरा करने के साथ ही जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में आई इस हाई-प्रोफाइल कमेटी ने लूनीरीछा स्टेशन पर खड़े ट्रेन के प्रभावित कोच का बारिकी से निरीक्षण किया। कमेटी ने घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद और इससे संबंधित रेल कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। बताया जा रहा है कि यह जांच अभी 2 दिन और जारी रहेगी, जिसके बाद कमेटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर वीआईपी मानी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में आग कैसे लगी।
जांच कमेटी में ये दिग्गज हैं शामिल:
इस 6 सदस्यीय टीम में मनोज गुरुमुखी के अलावा प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम विजय कुमार, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एनएस प्रसाद (आईसीएफ), कार्यकारी निदेशक महेन्द्र सिंह (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ) तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन का 'बी-वन' (B-1) थर्ड एसी कोच अब पूरी तरह से लोहे के कबाड़ में तब्दील हो चुका है।
सब कुछ स्वाहा: कोच के भीतर यात्रियों का सामान जैसे कपड़े, बैग और खाने के टिफिन जलकर खाक हो चुके हैं।
सुरक्षा उपकरण भी हुए फेल: कोच के भीतर आग बुझाने के लिए रखे गए कई फायर सिलेंडर भी खुद आग की भेंट चढ़कर जले हुए मिले।
इलेक्ट्रिक पैनल नष्ट: पूरा इलेक्ट्रिकल पैनल जलकर पूरी तरह खाक हो चुका है।
सिर्फ ढांचा बचा: घटना के वक्त तीन दमकल गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक कोच की सूरत ऐसी बिगड़ चुकी थी कि उसे देखकर कोई कह नहीं सकता कि यह कल तक राजधानी का वातानुकूलित कोच था।
गौरतलब है कि रविवार को कोटा-नागदा रेलखंड के विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरीछा स्टेशनों के बीच दौड़ रही राजधानी एक्सप्रेस के बी-वन कोच में अचानक आग भड़क गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पास ही मौजूद गार्ड और एसएलआर (SLR) कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि कोच में सवार सभी 70 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद प्रभावित कोच को ट्रैक से हटाकर फिलहाल लूनीरीछा स्टेशन पर खड़ा किया गया है।
#RajdhaniExpress #TrainFire #IndianRailways #RailwayEnquiry #KotaNagdaSection #RailwaySafety #WCR #KotaNews
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.