कोटा। कोटा-नागदा रेलखंड पर रविवार सुबह तिरुवनंतपुरम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के थर्ड एसी कोच (B-1) में लगी भीषण आग के बाद रविवार दोपहर कोटा रेलवे स्टेशन पर जबरदस्त हंगामा हुआ। हादसे के कारण करीब 6 घंटे 45 मिनट की देरी से दोपहर 1:25 बजे जब ट्रेन कोटा पहुंची, तो आक्रोशित यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
इस बीच, घटनास्थल की ओर राहत सामग्री लेकर जा रही रेलवे की एक वैन के पलटने से तीन रेलकर्मियों के घायल होने की भी दुखद खबर है।
स्टेशन पर उतरते ही यात्रियों ने डीआरएम (DRM) अनिल कालरा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन और स्टेशन डायरेक्टर शशि भूषण शर्मा को घेर लिया। गुस्साए यात्रियों ने आरोप लगाया कि:
स्टाफ की लापरवाही: आग लगने के बाद ट्रेन स्टाफ ने यात्रियों के सामान को बचाने के बजाय रेलवे द्वारा बुक किए गए पार्सल यान के सामान को पहले सुरक्षित निकाला।
लाखों का नुकसान: समय पर मदद न मिलने से यात्रियों के लैपटॉप, मोबाइल और नकदी समेत लाखों का सामान जलकर खाक हो गया।
आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटीं: ट्रेन के घंटों लेट होने के कारण दिल्ली से आगे की कई यात्रियों की ट्रेनें और फ्लाइट्स छूट गईं, जिससे उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी।
हंगामे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोटा रेल मंडल के आला अधिकारियों ने यात्रियों को शांत कराया और तुरंत राहत उपाय शुरू किए:
प्रभावित कोच के 68 यात्रियों में से प्रत्येक को 5,500 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि बांटी गई।
हादसे में चप्पल-जूते गंवा चुके यात्रियों को नए जूते-चप्पल वितरित किए गए।
सभी यात्रियों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई।
कोटा से ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच जोड़ा गया और यात्रियों की सहूलियत के लिए सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक और आरपीएफ (RPF) की टीम को ट्रेन के साथ रवाना किया गया। जो यात्री राजधानी से आगे नहीं जाना चाहते थे, उन्हें सोगरिया-नई दिल्ली और कोटा-हरिद्वार नंदा देवी एक्सप्रेस जैसी अन्य ट्रेनों से भेजा गया।
नुकसान से आक्रोशित करीब डेढ़ दर्जन (18) यात्रियों ने कोटा जीआरपी (GRP) थाने में रेलवे प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थानाधिकारी गुलजारीलाल ने बताया कि सभी यात्रियों की शिकायतें 'जीरो नंबर' के तहत दर्ज कर ली गई हैं और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित घटना क्षेत्र के शामगढ़ जीआरपी थाने भेज दिया गया है। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया और हंगामे के चलते राजधानी एक्सप्रेस कोटा स्टेशन पर करीब सवा घंटे तक खड़ी रही।
इस हादसे का सीधा असर दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग के यातायात पर पड़ा। भीषण गर्मी के बीच करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनें कई घंटे की देरी से चलीं, जिससे हजारों यात्री परेशान होते रहे:
कोटा-नागदा मेमू (61616): चोमहला स्टेशन पर ही रद्द कर दी गई।
रतलाम-कोटा पैसेंजर (12904): 6 घंटे 15 मिनट देरी से पहुंची।
मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट (12955): 8 घंटे की देरी से कोटा आई, जिसके कारण वापसी में जयपुर-बांद्रा (12956) भी 7 घंटे 15 मिनट लेट हुई।
इसके अलावा गांधीधाम-हावड़ा 7 घंटे, अवध एक्सप्रेस 4 घंटे और इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी करीब 5 घंटे की देरी से चली। रेल यातायात सामान्य करने की व्यस्तता के चलते दरा स्टेशन पर रविवार को होने वाला प्रस्तावित ट्रैफिक ब्लॉक भी रद्द कर दिया गया।
पश्चिम-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) दिलीप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आग के कारणों की विस्तृत जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के निर्देशन में बनी इस कमेटी में प्रमुख चीफ इंजीनियर मुकेश, प्रमुख मुख्य मैकेनिकल इंजीनियर एम. विजय कुमार, महेंद्र सिंह और पीसीएससी राजीव कुमार शामिल हैं। कमेटी को 20 मई तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
#RajdhaniFire #KotaRailwayStation #IndianRailways #WCR #PassengersProtest #RailwayEnquiry #TrainDelay #GRP_FIR #RailwaySafety
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.