कोटा। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी और लंबित पदोन्नतियों को लेकर बुधवार को वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने कड़ा रुख अपनाया। कोटा मंडल के विभिन्न सहायक मंडल इंजीनियर (ADEN) कार्यालयों पर संघ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन केवल कोटा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंडल के शामगढ़, बारां, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर जैसे प्रमुख केंद्रों पर भी कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन के पश्चात सहायक मंडल इंजीनियरों को 30 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
फील्ड स्टाफ के साथ भेदभाव: फील्ड और लाइन पर मेहनत करने वाले ट्रेकमैन्टेनर्स की समय पर पदोन्नति नहीं की जा रही है।
ऑफिस कल्चर का विरोध: अधिकारियों ने अपने 'चहेते' कर्मचारियों को फील्ड के बजाय कार्यालयों में बैठा रखा है।
बढ़ता वर्कलोड और तनाव: फील्ड कर्मचारियों की कमी से मौजूदा स्टाफ पर काम का दबाव (Workload) अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे रेल संरक्षा (Safety) प्रभावित हो रही है। यह लापरवाही किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई कि बार-बार मांग के बावजूद कर्मचारियों को MACP (Modified Assured Career Progression) का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को न केवल वरिष्ठता (Seniority) का नुकसान हो रहा है, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक क्षति भी झेलनी पड़ रही है।
मजदूर संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन 30 सूत्रीय मांगों पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 14 अप्रैल से कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
प्रदर्शन के दौरान के.के. गौतम, भूपेन्द्र धाकड़, विनोद महावर, चेतराम घोड़ेला, अनिल मीना, अशोक मीना, कुलदीप सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद रहे।
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