कोटा। कोटा मंडल में रेलकर्मियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। भोपाल-जोधपुर ट्रेन (14814) में एक टीटीई द्वारा महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता करने और नियमों की आड़ में अवैध रूप से पैसे मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। गौरतलब है कि पिछले 3 दिनों में टीटीई के खिलाफ शिकायत का यह तीसरा मामला है।
झांसी निवासी प्रोफेसर प्रज्ज्वल श्रीवास ने रेलवे प्रशासन को दी गई शिकायत में बताया कि 27 अप्रैल को उनका और उनके साथियों का गुना से कोटा तक थर्ड एसी कोच में आरक्षण था। लेकिन स्टेशन जाते समय प्रज्ज्वल का बाइक से एक्सीडेंट हो गया, जिसके चलते उनके स्थान पर उनकी बहन डॉ. दीक्षा श्रीवास को यात्रा करनी पड़ी।
सफर के दौरान डॉ. दीक्षा ने अपनी पारिवारिक इमरजेंसी और समस्या से टीटीई को अवगत कराया। आरोप है कि समस्या सुनने के बजाय टीटीई ने उनसे 500 रुपए की मांग की और पैसे न देने पर भारी पेनल्टी लगाने की धमकी दी।
डॉ. दीक्षा ने जब अवैध रूप से पैसे देने से मना किया, तो टीटीई ने आपा खो दिया। प्रोफेसर प्रज्ज्वल का दावा है कि टीटीई ने उनकी बहन के साथ अत्यंत अभद्र, असभ्य और अपमानजनक व्यवहार किया और अन्य सह-यात्रियों के सामने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य भी उनके पास मौजूद है।
अंततः टीटीई ने डॉ. दीक्षा से जुर्माने के नाम पर 1475 रुपए वसूले। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह राशि नियमानुसार किराए और जुर्माने की कुल राशि से कहीं अधिक है।
रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान के दावों के बीच यह घटना चिंताजनक है। इससे ठीक पहले लखनऊ-बांद्रा ट्रेन में भी एक यात्री ने टीटीई पर 1500 रुपए मांगने का आरोप लगाया था। लगातार बढ़ रही शिकायतों के बाद कोटा मंडल रेल प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
#IndianRailways #KotaDivision #RailwayNews #WomenSafety #TTEMisbehavior #BhopalJodhpurExpress #RailPassengerDignity #RailwayAction
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.