जयपुर: राजस्थान सरकार संविदा पर कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब सरकारी स्कूलों में अलग-अलग पदनामों वाले सभी संविदा शिक्षकों का एक ही पदनाम होगा, जिसे 'शाला सहायक' नाम दिया गया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने के लिए आज सचिव स्तर की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।
एक पदनाम, एक पहचान
शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, अब तक विभिन्न नामों से जाने जाने वाले संविदा शिक्षक, जैसे विद्यालय सहायक, पाठशाला सहायक, पंचायत शिक्षक और कनिष्ठ शिक्षक, सभी को 'शाला सहायक' कहा जाएगा। यह बदलाव राजस्थान सिविल पोस्ट नियम 2022 के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पदनामों में एकरूपता लाना और कर्मचारियों की पहचान को सरल बनाना है।
पदोन्नति और वेतनमान का खाका
प्रस्ताव में 'शाला सहायक' पद को पे लेवल-5 में रखने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही पदोन्नति का भी एक स्पष्ट मार्ग तैयार किया गया है:
9 साल की सेवा के बाद पहली पदोन्नति पर उन्हें वरिष्ठ शाला सहायक ग्रेड सेकंड (पे लेवल-8) का दर्जा मिलेगा।
इसके बाद, पुनः 9 साल की सेवा के बाद दूसरी पदोन्नति पर उन्हें वरिष्ठ शाला सहायक ग्रेड प्रथम (पे लेवल-10) बनाया जाएगा।
यह बदलाव संविदा शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।
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